रेलवे में गंदगी फैलाने वालों की खैर नहीं! अब लगेगा ₹1000 का भारी जुर्माना

भारतीय रेलवे के यात्रियों और आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। रेलवे परिसरों और ट्रेनों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सरकार ने नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है। अब यदि कोई भी व्यक्ति रेलवे संपत्ति को गंदा करते हुए पाया गया, तो उसे भारी आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा।
क्या हैं नए नियम और दंड का प्रावधान?
भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना (25 अगस्त 2026) के तहत, रेलवे परिसरों में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से संबंधित दंड प्रावधानों में संशोधन किया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार, रेलवे परिसर या ट्रेन के डिब्बे में निर्धारित स्थान के अलावा कहीं भी कूड़ा-कचरा फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इन गतिविधियों पर लगेगी रोक
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि निम्नलिखित गतिविधियों में शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी:
- रेलवे परिसर या ट्रेन में निर्धारित स्थान के बाहर कूड़ा फेंकना।
- रेलवे परिसर में खाना पकाना या नहाना।
- थूकना या खुले में मूत्र और मल त्याग करना।
- जानवरों या पक्षियों को चारा खिलाना।
- वाहनों की मरम्मत करना या उन्हें धोना।
- बर्तन, कपड़े या अन्य घरेलू सामान धोना।
- बिना अनुमति के पोस्टर चिपकाना, दीवारों पर कुछ लिखना या रेल संपत्ति को विरूपित करना।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई गई निर्धारित सुविधाओं या शौचालयों का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
जुर्माना न भरने पर कोर्ट की कार्रवाई
संशोधित नियमों के अनुसार, इन गतिविधियों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि संबंधित व्यक्ति यह जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। न्यायालय ऐसे मामलों में दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है।
रेलवे के अनुसार, इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि यात्री और आम लोग स्वच्छता के प्रति अधिक जिम्मेदार बन सकें।