What’s inside:
This article discusses the ongoing delays and issues faced by passengers traveling on the Howrah-Mumbai main line in the Chakradharpur division.
इनदिनों चक्रधरपुर रेल मंडल में हावड़ा-मुंबई मेन लाइन पर सफर करना यात्रियों के लिए बहुत मुश्किल हो गया है। ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने के लिए बनी थीं, लेकिन अब औसत रफ्तार सिर्फ 25 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। इसका सीधा असर लाखों यात्रियों पर पड़ रहा है, जिनकी जेब और सेहत दोनों पर इसका बुरा असर हो रहा है।
टाटानगर स्टेशन पर एक यात्री, राकेश कुमार, अपनी बीमार पत्नी के साथ मुंबई जाने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रेन छह घंटे लेट हो गई है और अब वे केवल भगवान पर भरोसा कर रहे हैं।
यह समस्या सिर्फ राकेश की नहीं है, बल्कि हर उस यात्री की है जो टाटानगर से चक्रधरपुर के बीच 62 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन घंटे से ज्यादा समय बिता रहा है। वंदे भारत और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी इस खंड में 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हैं।
यात्री अब सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। वे रेल मंत्री को टैग कर पूछ रहे हैं कि जब टिकट के पूरे पैसे लिए जाते हैं, तो उन्हें समय पर पहुंचने का अधिकार क्यों नहीं है। रेलवे को यात्री सुविधाओं की चिंता नहीं है, क्योंकि उनका ध्यान मालगाड़ियों की कमाई पर है।
Summary:
- ट्रेनों की गति में भारी कमी आई है।
- यात्री सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
- यात्री समय पर पहुंचने के अधिकार की मांग कर रहे हैं।
- रेलवे का ध्यान मालगाड़ियों पर है, न कि यात्रियों पर।
- सोशल मीडिया पर यात्री अपनी नाराजगी जता रहे हैं।










